
बच्चों में फ्लू से कैसे बचें? | Child Care in Indore
बच्चे की सेहत का ख्याल रखने में रोज़मर्रा की छोटी आदतें मददगार होती हैं। फ्लू से बचाव के लिए साफ-सफाई के साथ उम्र के अनुसार टीकाकरण पर भी ध्यान दें।
माता-पिता इन बातों का रखें ध्यान:
• बच्चों को साबुन और पानी से नियमित हाथ धोना सिखाएँ।
• खाँसते या छींकते समय टिश्यू या कोहनी से मुँह ढकने की आदत डालें।
• बीमार लोगों से नज़दीकी संपर्क कम रखें और बच्चे के बीमार होने पर उसे घर पर आराम दें।
• घर में ताज़ी हवा आने दें और बार-बार छुई जाने वाली सतहें साफ रखें।
• छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए सालाना फ्लू वैक्सीन के बारे में डॉक्टर से पूछें।
कब तुरंत मदद लें?
साँस लेने में परेशानी, होंठ नीले पड़ना, पेशाब बहुत कम होना या बच्चे का ठीक से प्रतिक्रिया न देना आपातकालीन संकेत हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाएँ।
क्या वैक्सीन के बाद भी फ्लू हो सकता है?
हाँ, लेकिन टीकाकरण गंभीर बीमारी का जोखिम कम करने में मदद करता है।
डॉक्टर को क्या जानकारी दें?
बच्चे की उम्र, लक्षण शुरू होने का समय, दूध या भोजन लेने में बदलाव और दी गई दवाएँ बताएँ।
इंदौर में बाल रोग परामर्श के लिए Dr. Mahendra Singh Rathod से संपर्क करें।
अपने बच्चे की देखभाल और टीकाकरण संबंधी सलाह के लिए आज ही परामर्श बुक करें।
| Tags: | #How to protect children from the flu |